SEO Kya Hai – एसईओ की सम्पूर्ण जानकारी हिन्दी मे।

एसईओ को मैंने काफी समय से बहुत नजदीक से समझा है और मेरे पर्सनल एक्सपीरियंस से मैं आज वह सभी ट्रिक और बातें आप तक शेयर करना चाहता हूं ताकि आपका समय बचे, मैंने एसईओ के बारे में अपने ब्लॉगिंग करियर के 8 से 10 सालों में जो सीखा वह सब आप केवल इस पोस्ट से सीख सकते हैं

एसईओ क्या है – SEO Kya Hai in Hindi

एसईओ वह तकनीक है जिसके द्वारा वेब पेजों को सर्च इंजन के अनुकूल बनाया जाता है लेकिन दुनिया का सबसे लोकप्रिय सर्च इंजन गूगल का मानना है कि वेबमास्टरो को अपने वेब पेजों पर जानकारी साझा करते समय लोगों को ध्यान में रखना चाहिए ना कि सर्च इंजन को।

वेबमास्टर अपने वेब पेजो को सर्च इंजन के प्रथम पृष्ठ में दिखाने के लिए वेब पेज़ का एसईओ करते हैं, एसईओ के मापदंड अलग अलग सर्च इंजन के अनुसार अलग-अलग होते हैं लेकिन जो मुख्य होते हैं उन्हें सभी सर्च इंजन उपयोग करते हैं, यदि आपको गूगल सर्च रिजल्ट में सबसे ऊपर आना है तो आपको गूगल के मापदंडों का ध्यान रखते हुए वेब पेज़ पर जानकारी लिखनी होती है और आप गूगल के प्रथम सर्चरिजल्ट में होते हो तो आप की संभावना अन्य सर्च इंजन के प्रथम पृष्ठ में भी आने की है।

एसईओ तकनीक में बहुत से मापदंडों का ध्यान रखा जाता है जिसमें कंटेंट क्वालिटी, बैकलिंक, वेबसाइट का इंटरफेस आदि महत्वपूर्ण है, इनके अलावा भी बहुत से मापदंड हैं जिन्हे आगे हम समझेंगे

एसईओ (SEO) का फूल फॉर्म –  एसईओ का फूल फॉर्म ‘सर्च इंजन ओप्टीमाइजेशन’ SEO full form – search engine optimization होता हैं

एसईओ (SEO) कैसे काम करता है।

एसईओ तकनीक का उपयोग वेबमास्टर ओर सर्च इंजन दोनों करते हैं और दोनों के लिए महत्वपूर्ण है, एसईओ दोनों के मध्य की कड़ी है, जब लोग गूगल पर कुछ सर्च करते हैं तो गूगल सर्च इंजन उस जानकारी को लाखों-करोड़ों वेब पेजों में सर्च कर महत्वपूर्ण जानकारी की पहचान एसईओ के द्वारा ही करता है और लोगों को टॉप सर्च रिजल्ट में वह जानकारी दिखाता है।

अब बात करें वेबमास्टर कि तो उन्हें भी अपने वेब पेजों को सर्च इंजन के टॉप में दिखाना होता है और ऐसा करने के लिए वह एसईओ तकनीक का उपयोग करते हैं।

एसईओ के मापदंडों का निर्धारण लोगों को अच्छी व महत्वपूर्ण जानकारी दिखाने के लिए सर्च इंजनों द्वारा किया जाता है, मापदंडों में बदलाव समय के साथ सर्च इंजनों द्वारा किए जाते हैं ताकि वह अपना वर्चस्व बनाए रखें और लोगों तक अच्छी जानकारी जो वह वेब पर सर्च करते हैं उपलब्ध करवाएं।

Google Search कैसे काम करता हैं।

एसईओ करके ब्लॉग या वेबसाइट को गूगल के टॉप सर्च रिजल्ट में कैसे लाएं।

यदि आप इंटरनेट पर अपना कैरियर शुरू करना चाहते हो तो आपको एसईओ को समझना बहुत ही जरूरी है चाहे आप किसी भी फील्ड में क्यों ना हो।

एसईओ (SEO) ही एक ऐसी तकनीक है जिसको आप अच्छे से समझ गए तो आप बहुत ही कम समय में लाखों रुपए कमा सकते हैं, जितने भी ब्लॉगर हैं वे अच्छा पैसा तभी कमा पाते हैं जब तक उनके ब्लॉग को रैंकिंग में प्रथम प्रष्ठ के एक, दो या तीन रिजल्ट में हो और इस तरह टॉप सर्च रिजल्ट में जिन लोगों के ब्लॉग आते हैं, यकीन मानिए वह महीने के लाखों रुपए कमा रहे होंगे।

यदि आप भी इंटरनेट से लाखों रुपए कमाना चाहते हो तो आज से ही एसईओ पर रिसर्च कर एसईओ के बारे में सीखना शुरू कर दीजिए, इंटरनेट पर लाखों करोड़ों वेब पेज़ है और इन वेब पेजो मेंसे दो से पांच अच्छे रिजल्ट में जगह बनाना कितना कठिन काम है यह आप भी जानते हैं।

एसईओ करके ब्लॉग को गूगल के टॉप रिजल्ट में लाना बहुत ही आसान है यदि आप एसईओ के मास्टर नही हो और यदि आप एसईओ को नहीं जानते या ब्लॉगिंग में एसईओ को इग्नोर करते हैं तो बस आपका ब्लॉक आपके कंप्यूटर तक ही सीमित है।

यह पोस्ट पूरी पढ़े, बार-बार पढ़े समझे और अपने ब्लॉग को टॉप सर्च रिजल्ट मे लाइए।

एसईओ (SEO) के प्रकार

 ऑन पेज़ एसईओ क्या हैं – On Page SEO

ऑन पेज़ एसईओ को मे सरल शब्दो मे बताना चाहता हूँ कि जितने भी काम आप अपने ब्लॉग या ब्लॉग पोस्ट मे करते हो वो सभी ऑन पेज़ एसईओ कहलाता हैं, ऑन पेज़ एसईओ का शाब्दिक अर्थ भी यही होता हैं कि जो भी कार्य किया जाए वह पेज़ पर ही करना हैं।

     आप ऑन पेज़ एसईओ क्या हैं समझ गए होंगे लेकिन आपको मे इनके कुछ उदाहरण भी बता देता हूँ ताकि आप अच्छे से समझ सके ओर आगे से ऑन पेज़ एसईओ के बारे मे कोई डाउट न रहे, ऑन पेज़ एसईओ के अंतर्गत निम्न बातों का ध्यान रखना होता हैं।

ब्लॉग थीम

यह सबसे पहला एसईओ का तरीका हैं क्योकि ब्लॉग की थीम ही सबसे पहले किसी भी विजिटर को दिखाई देती हैं, यदि आपके ब्लॉग की थीम अच्छी हैं तो विजिटर बार बार आपके ब्लॉग पर आना पसंद करेंगे ओर सर्च इंजन की बात करें तो सर्ज इंजन भी सरल ओर फास्ट थीम को पसंद करते हैं।

पोस्ट टाईटल

यह सबसे महत्वपूर्ण होता है क्योकि जब भी कोई व्यक्ति इंटरनेट पर कुछ सर्च करता हैं तो वह सर्च इंजन मे कुछ टाइप करके सर्च करता हैं, हमारी कोसिस यही रहना चाहिए कि हमारी पोस्ट का टाईटल किसी व्यक्ति के सर्च करने वाले शब्द से मिले तभी तो आपकी पोस्ट उन्हे सर्च इंजन द्वारा दिखाई जाएगी, पोस्ट टाईटल छोटा ओर सरल रखे।

पोस्ट यूआरएल

आपके पोस्ट की लिंक या यूआरएल सरल ओर छोटा होना चाहिए साथ ही, हो सके तो एक कीवर्ड का यूस करे ताकि आपको पोस्ट एसईओ फ्रेंडली रहे।

कीवर्ड – सबसे पहले आपको जिस टोपिक पर पोस्ट लिखना हैं उस पर रिसर्च करके अच्छे कीवर्ड निकाल लें ओर पोस्ट मे अच्छे से फीड कर दें याद रहे कीवर्ड डैन्सिटि 0.5% से अधिक न हों।

आर्टिकल

आपकी पोस्ट मे जो भी जानकारी लिख रहे हो वो यूनिक होनी चाहिए ओर समझने मे भी आसान होनी चाहिए, ध्यान रहे जो भी आप लिख रहे हो वह कहीं से कॉपी किया हुआ नही होना चाहिये।

पेराग्राफ़

पोस्ट मे आप कितने भी पेराग्राफ़ लिखे लेकिन ध्यान रहे पेराग्राफ़ मे ज्यादा शब्द न हो मेरे हिसाब से 4 से 6 लाइन से ज्यादा बडा पेराग्राफ़ नहीं लिखना चाहिए जब तक की जरूरी न हों, आप, मैं या कोई ओर यदि ज्यादा लंबा पेराग्राफ़ होगा तो उसे स्किप जरूर करना चाहेगा।

फोटो

यह बहुत ही महत्वपूर्ण हैं कि आप अपनी पोस्ट मे किस प्रकार कि फोटो यूस करते हों, फोटो यूनिक ओर इन्फोग्राफिक्स हो तो बेहतर होता हैं, फोटो आप फॉटोशॉप से बना सकते है ओर यदि आपको फॉटोशॉप नहीं चलाते आता हैं तो आप केनवा से फोटो बना सकते हैं।

लिंक

अपनी पोस्ट मे इंटरनल ओर एक्सटर्नल लिंक का उचित संख्या मे उपयोग करना चाहिए, आप जिस टोपिक पर पोस्ट लिख रहे हैं उससे संबन्धित अन्य पोस्ट कि लिंक आप दे सकते हैं, यह 4 से 6 तक होनी चाहिए ओर एक्सटर्नल लिंक आपकी पोस्ट मे यूस होने वाली अन्य वैबसाइट की होने चाहिये, जैसा कि मेने ऊपर वाले पॉइंट मे केनवा का नाम लिया हे ओर उस पर एक्सटर्नल लिंक लगाई हैं।

 ऑफ पेज़ एसईओ – Off page SEO

ऑफ पेज़ एसईओ को सरल शब्दो मे बताऊँ तो इसके अंतर्गत अपने ब्लॉग से हटकर जितने भी एसईओ के तरीके होते हैं वे सभी ऑफ पेज़ एसईओ के तरीके होते हैं, दूसरे शब्दो मे कहूँ तो ऑफ पेज़ एसईओ का शाब्दिक अर्थ हैं कि पेज़ से हटकर किया जाने वाला एसईओ होता हैं।

आप ऑपेज़ एसईओ क्या हैं समझ गए होंगे लेकिन आपको मे इनके कुछ उदाहरण भी बता देता हूँ ताकि आप अच्छे से समझ सके ओर आगे से ऑफ पेज़ एसईओ के बारे मे कोई डाउट न रहे, ऑफ पेज़ एसईओ के अंतर्गत निम्न बातों का ध्यान रखना होता हैं।

बेकलिंक

ऑफ पेज़ के अंतर्गत बेकलिंक बहुत ही जरूरी होता हैं क्योकि जब तक आपके ब्लॉग पर किसी अन्य बड़े ब्लॉग से बेकलिंग नहीं मिलती तब तक आपके ब्लॉग की अथॉरिटी नहीं बड़ेगी ओर ज्यादा ट्राफिक भी नहीं मिलेगा, सर्च इंजन से भी आपको अच्छी रेंकिंग तभी मिलती हैं जब आपके ब्लॉग की अथॉरिटी ओर बेकलिंक अच्छे हों।

गेस्ट पोस्ट

यदि आप भी किसी अन्य ब्लॉग से ट्राफिक पाना चाहते है तो आपको किसी अच्छे ब्लॉग पर गेस्ट पोस्ट लिखिनी होगी ओर वहा से आपको ट्राफिक मिलेगा यह भी ऑफ पेज़ एसईओ का तरीका हैं।

फेसबूक – Facebook

फेसबूक पर अपने ब्लॉग पोस्ट की लिंक को शेयर करने पर हमे फेसबूक से भी ट्राफिक मिलेगा, यदि आप के पास अपने ब्लॉग से संबन्धित फेसबूक पेज हैं ओर उस पर अच्छे लाइक हैं तो आप वहा से भी अच्छा ट्राफिक ला सकते हो।

यूट्यूब – YouTube

यूट्यूब पर अपने ब्लॉग से जुड़ा विडियो बनाए ओर अपलोड करे दे ताकि आपको यूट्यूब से भी ट्राफिक मिल सके, जब भी कोई यूट्यूब पर आपका विडियो देखेंगा ओर वह विडियो पसंद आई तो आपके ब्लॉग या वैबसाइट पर जरूर विजिट करेंगा।

इन्स्टाग्राम – Instagram

ब्लॉग पोस्ट का थंबनेल ओर पोस्ट मे दी गई कुछ जानकारी लिख कर इन्स्टाग्राम पर पोस्ट कर दे ओर वहा पर लिख दे कि पूरी पोस्ट पढ़ने के लिए यहा क्लिक करे या पोस्ट कि लिंक दे सकते हैं।

Quora

यदि आप अपने ब्लॉग के साथ कौरा (Quora) पर भी काम करना शुरू कर देते है तो आपको बहुत अच्छा ट्राफिक शुरू से ही मिलने लगेगा, अपने ब्लॉग से जुड़े सवाल पूछे ओर जवाब दे साथ ही आप अपने जवाब मे ब्लॉग कि लिंक या किसी पोस्ट कि लिंक दे सकते हैं ताकि अधिक से अधिक ट्राफिक आपको मिल सके।

लोकल एसईओ क्या हैं।

जैसा कि नाम से ही समझ आ रहा हे यह लोकल लेवेल पर किया जाने वाला एसईओ हैं, अपने ब्लॉग या बिजनेस को अधिक पापुलर बनाने के लिए आपको लोकल एसईओ की भी बहुत जरूरत होती हैं, लोकल एसईओ के अंतर्गत निम्न बातों का ध्यान रखना होता हैं।

गूगल माइ बिजनेस

यदि आपने अपना प्रोफ़ाइल गूगल माइ बिजनेस मे नहीं बनाया है तो आज ही बनाए क्योकि यह बहुत ही जरूरी हैं, गूगल मैप का उपयोग बहुत से लोग करते हैं ओर यदि आप भी अपना प्रोफ़ाइल बना लोगे तो आपका प्रोफ़ाइल भी उन लोगो तक पाहुचेगा, यदि आपके बिजनेस से जुड़ा गूगल मैप मे सर्च होता हैं तो आपका प्रोफ़ाइल भी दिखाया जाएगा।

लोकल यूट्यूबर

यदि आपके एरिया मे कोई यूट्यूबर हैं तो आप उसकी मदद ले सकते हैं, उनके साथ कोलेब कर सकते हैं, जिससे कि लोकल मे जल्दी आपका प्रमोशन हो सके।

एसईओ टेक्निक कितने प्रकार की होती है।

एसईओ के भी दो पहलू हें एक अच्छा ओर दूसरा बुरा, बहुत से ब्लॉगर इन दोनों तरीको का उपयोग करते हैं लेकिन सफल ब्लॉगर की बात करें तो वे केवल पहले वाले तरीके यानि अच्छे तरीके का उपयोग करते हैं।

व्हाइटहेट एसईओ टेक्निक क्या हैं।

     जिस तरीके का उपयोग मे करता हूँ वह व्हाइटहेट एसईओ टेक्निक हैं ओर आपको भी मे व्हाइटहेट तकनीक का उपयोग करने की सलाह दूंगा यदि आप सफल होना चाहते है, व्हाइटहेट एसईओ टेक्निक के अंतर्गत वे सभी अच्छे तरीके आते हैं जो मेने ऊपर बताए हें जैसे कि खुद का कंटेन्ट लिखना ओर उसमे अच्छी जानकारी लिख कर अपने ब्लॉग पर पब्लिश करना।

     सोशलमीडिया पर अपने कंटेन्ट को पब्लिश करना ओर वहा ट्राफिक लेना याद रहे वहा पर लोगो के कमेन्ट आदि के जवाब देकर इंगेज बनाए रखना जरूरी होता हैं।

ब्लैकहेट एसईओ टेक्निक क्या हैं।

     यदि आपका ब्लॉग हे ओर उस पर ट्राफिक नहीं आ रहा हैं तो किसी वैबसाइट से ट्राफिक खरीदते हैं तो ऐसा नहीं करना चाहिए यह एक गलत तरीका हैं ओर यह ब्लैकहेट एसईओ टेक्निक के अंतर्गत आता हैं, यह तो केवल एक उदाहरण मात्र हैं, इस प्रकार के बहुत ही तरीके हैं, मेरी माने तो इस टॉपिक पर ज्यादा बात नहीं करते हैं ओर आप इन तरीकों का उपयोग बिल्कुल भी ना करे।

SEO ओर SMO में अंतर।

     SEO का अर्थ सर्च इंजन ओप्टीमाइजेशन होता हे ओर आप यह पूरी पोस्ट एसईओ से जुड़ी ही पढ़ रहे हों, एसईओ के अंतर्गत वे सभी तरीके आते है जोकि किसी कंटेन्ट को इंटरनेट पर अधिक से अधीक लोगो तक पहुचा सके, कोई भी कंटेन्ट बिना सर्च इंजन के नियमो का पालन किए टॉप सर्च मे नहीं आ सकता हें, इसी लिए सभी लोग अपने कंटेन्ट को सर्च इंजन के नियमो के अनुरूप बनाते है, इंटरनेट के सभी सर्च इंजन अपने हिसाब से सर्च रिजल्ट दिखाते हैं, यह सब एसईओ के अंतर्गत आते है।

     SMO का अर्थ सोशल मीडिया ओप्टीमाइजेशन होता हैं, यदि आप किसी सोशल प्लेटफॉर्म पर एक्टिव हें तो आपको अपने प्रोफ़ाइल को बिल्ड करने मे बहुत सी बातों का ध्यान देना होता हैं यही एसएमओ कहलाता हैं, जैसे कि टैग लगाना, यूनिक फोटो पब्लिश करना, एक थीम पर काम करना, कंटेन्ट आदि पर ध्यान देना होता हैं।

SEO Small Tools

बहुत से टूल्स हैं जो बहुत ज्यादा ब्लॉग एसईओ मे बहुत मदद करते हैं, कुछ एसईओ टूल्स फ्री हैं ओर कुछ पेड इनमे से दोनों ही प्रकार के अपनी जगह सही हैं, मैं आपको पेड ओर फ्री 2 बेस्ट एसईओ टूल्स के बारे मे बता रहा हूँ।

Ubersuggest free

यह एक फ्री एसईओ टूल्स हैं ओर मे इसे आपको उपयोग करने का सुझाव देता हूँ क्योकि मेने भी इस टूल्स का बहुत उपयोग किया हैं यह एसईओ टूल्स नील पटेल सर का हें।

Google Keyword Planner free

गूगल को कोन नहीं जानता ओर बात करे गूगल के फ्री प्रॉडक्ट की तो वे सभी बहुत अच्छे होते हैं, एसईओ के लिए बहुत उपयोगी हैं।

Ahrefspaid

इस टूल्स का उपयोग कर आप अपने ब्लॉग या वैबसाइट को आसानी से रैंक करवा सकते हैं लेकिन यह एक पैड टूल हैं

SEMrushpaid

यह भी पेड टूल हैं लेकिन यदि आपके पास बजट हैं तो आप इस टूल्स का उपयोग कर सकते हैं, यह टूल आपके बहुत से काम आसान कर देगा एसईओ से जुड़े।

एक्स्ट्रा एसईओ से जुड़ी महत्वपूर्ण जानकारी ।

एसईओ की कोई लिमिट नहीं हैं ओर न कोई पूर्ण कोर्स हैं जिसे पढ़कर हम एसईओ एक्सपर्ट बन सके, आप यूट्यूब विडियो देखकर एसईओ के बारे मे सीख सकते हैं, ब्लॉग पोस्ट पढ़ कर सीख सकते हैं इस प्रकार आप रोज कुछ न कुछ एसईओ के बारे मे सीखते रहे, क्योकि एसईओ के नए नए तरीके रोज आते हैं ओर समय के साथ बहुत बदलाव किए जा रहे हैं।

     यदि आप एसईओ एक्सपर्ट बनना चाहते है तो आज से ही एसईओ के बारे मे रोज सीखना शुरू करे, बेस्ट एसईओ से जुड़े ब्लॉग ओर यूट्यूबर को फॉलो करे ताकि आपको रोज नई नई जानकारी सीखने को मिलती रहे।

अपने ब्लॉग पर इन सब बातों को लागू करें।

आप कितने भी ब्लॉग पोस्ट पढ़ लो या कितने भी यूट्यूब विडियो देख लो जब तक आप अपना काम शुरू नहीं करोगे तब तक आप कुछ भी प्रेक्टिकली नहीं सीख सकते, जानकारी प्राप्त करना ओर प्रेक्टिकली कोई काम करना बहुत ही अलगा अनुभव होता हैं, आपने ऊपर दी गई जानकारी तो पढ़ ली लेकिन यदि इसको आप फॉलो नहीं करते हैं तो धीरे धीरे इसे भी आप भूल जवोगे।

     यदि आप सोचते है कि आपके पास एक लैपटाप होगा तभी आप काम शुरू करोगे ओर लैपटाप के इंतजार मे आप केवल ब्लॉग पोस्ट पढे जा रहे हो ओर यूट्यूब विडियो देख रहे हो, मेरी मानो तो आज ही आप ब्लॉगर या वर्डप्रैस से एक फ्री ब्लॉग बनाए ओर काम करना शुरू करे दे, यह सब आप केवल एक स्मार्ट फोन से कर सकते है, ओर आप तो आज से ही शुरू कर सकते हैं क्योकि या तो आप यह पोस्ट मोबाइल मे पढ़ रहे हो या कम्प्युटर पर।

यदि आप आज से ही अपने जीवन मे कुछ नया करना चाहते हैं तो आज से ही FBT के सभी पोस्ट पढ़ कर अपना ब्लॉग बनाए ओर कुछ नया शुरू करे, ऊपर दी गई जानकारी को हो सके तो एक पेपर पर लिख ले क्योकि इंटरनेट कि दुनिया मे सबसे जरूरी काम हे वो हे एसईओ।

रिजल्ट का एनालिसिस करें।

आपने ऊपर बताई बातों को ध्यान मे रखकर काम कर रहे हैं तो आपको सफलता जरूर मिलेगी, रोज काम करते रहे ओर रिजल्ट का अवलोकन करते रहे, ताकि आगे आपको किस प्रकार के काम करना हैं, किस प्रकार की एसईओ टेक्निक को लागू करना हैं अपने काम मे, उम्मीद करता हूँ आप समझ गए होंगे।


यह जरूर पढे –


आज मैंने सरल भाषा में ‘‘SEO Kya Hai – एसईओ की सम्पूर्ण जानकारी हिन्दी मे।” के बारे में वही जानकारी दी हैं जो आपको जानना जरुरी हैं, और अधिक जानकारी के लिए आप हमारे ब्लॉग की केटेगरी “SEO Updates” पर जाकर पढ सकते हैं और हाँ में आपके साथ हर स्थिति में हु आपको कभी भी मेरी जरुरत पड़े किसी भी जानकारी के लिए तो आप बेसक मुझे निचे दिए कमेन्ट बॉक्स में अपना सवाल लिख कर सेंड करे आप हमें कमेन्ट के द्वारा ये भी बता सकते हैं की ये जानकारी आपको कैसी लगी।

 धन्यवाद

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4 thoughts on “SEO Kya Hai – एसईओ की सम्पूर्ण जानकारी हिन्दी मे।

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